आज का सबसे बड़ा फ़ितना (उपद्रव) यह नहीं है कि सच्चाई कमज़ोर है, बल्कि यह है कि असत्य को सच्चाई का चोला पहनाकर बेचा जा रहा है। धार्मिक मूल्यों को इस तरह घुमाया जा रहा है कि अत्याचार, न्याय प्रतीत…