हौज़ा/गैर इस्लामिक हुकूमत में राजनीतिक शरण लेने में बज़ाते ख़ुद कोई हर्ज नहीं है, सिवाय इसके कि यह भ्रष्टाचार का कारण ना बने लेकिन झूठ और झूठी कहानियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक शरण प्राप्त करना जायज़…