हौज़ा/हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा सैय्यद अली ख़ामनेई ने कहां,इस्लाम की नज़र में घर के अंदर भी मर्द, इस बात का पाबंद है कि औरत की देखभाल एक फूल की तरह करे। मासूम का क़ौल है: "अलमरअतो रैहाना" औरत…