विवाह, सामाजिक जीवन का सबसे पवित्र बंधन होने के बावजूद आज गलत रस्मों और दिखावे से घिर गया है। शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई (क़) इन समस्याओं को सामाजिक दृष्टि से देखते हुए मानते थे कि…