हौज़ा/आयतुल्लाह शेख़ ईसा क़ासिम ने एक ट्वीट में कहां ज़ायोनी शासन और अलखलीफ़ा शासन के बीच संबंधों के सामान्य होने की निंदा करते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि बहरैन के लोग इस मुद्दे के ख़िलाफ़ हैं।