हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम मुहक़्क़िकी ने कहा कि माह-ए-रमज़ान मुबारक इंसान के लिए फ़ितरत-ए-इलाही की तरफ़ लौटने, अपने नफ़्स का मुहासिबा करने और पूरे साल की बंदगी की बुनियाद रखने का बेहतरीन मौका है।