पूर्व के इस उभरते परिदृश्य में ईरान केवल एक देश नहीं बल्कि एक प्रतीक बन चुका है—एक ऐसा प्रतीक जो प्रतिरोध, आत्मनिर्भरता और नए वैश्विक संतुलन के निर्माण का प्रतिनिधित्व करता है। पश्चिम की ढलती…