कर्बला, जो कि मज़लूमियत का प्रतीक है, इसे केवल इमाम हुसैन (अ) की मज़लूमियत तक सीमित रखना उचित नहीं है, बल्कि कर्बला ईसार, क़ुर्बानी , अख़लाक़ और किरदार, तहज़ीब व तमद्दुनऔर इंसानी क़द्रों का…
आज हम दुखी दिल के साथ कहते हैं: “ख़ुदा हाफ़िज़, ऐ मेरे दयालु रहबर!” लेकिन यह जुदाई केवल बाहरी है। आपकी आवाज़, आपकी दूरदर्शिता, आपका हौसला, आपकी दृढ़ता और उम्मत-ए-मुस्लिम के लिए आपकी असाधारण चिंता…
किसी गैर-महरम के सामने हिजाब न पहनना गुनाह है, लेकिन इससे नमाज़ और रोज़ा गलत नहीं हो जाता। इसके उलट, नकली नाखून पहनने से वज़ू और नहाने में पानी नहीं पहुँच पाता, जिससे नमाज़, नहाना और नतीजतन रोज़ा…
जो माता-पिता अपने व्यवहार में अच्छी नैतिकता पर ध्यान नहीं देते, वे अपने बच्चों को आदेश और सलाह देकर ये नैतिकता नहीं सिखा सकते। परवरिश में, काम का असर बातों से ज़्यादा ज़रूरी होता है। जो खुद अच्छा…