हौज़ा / हरम हज़रत मासूमा (स.ल.) के खतीब ने कहा,दुश्मन का दुश्मनी करना उसकी फितरत में शामिल है, इसलिए उसे कभी दोस्त नहीं समझना चाहिए। खुदावंदे मुतआल ने क़ुरआने करीम में फरमाया है कि दुश्मन चाहता…