हुज्जतुल इस्लाम मोहम्मदी के अनुसार, शहीदों की कब्र की ज़ियारत करना और उनके लिए नेक कामों का सवाब पहुँचाना किसी विशेष समय तक सीमित नहीं है। ये नेक अमल आलम ए बरज़ख में उनकी रूह तक आध्यात्मिक नेमतों…
हौज़ा / मज़हबी शको के एक्सपर्ट ने परलोक में महरमियत के नियमों को डिटेल में समझाते हुए बरज़ख, परलोक, जन्नत और जहन्नम की हालत को अलग-अलग समझाया और कहा कि इनमें से हर पड़ाव में आपसी रिश्तों और हदों…
हौज़ा/बरज़ख के सवाल आसान लगते हैं, लेकिन उनके उत्तर ज़ुबान या मन से नहीं, बल्कि हृदय की गहरी आस्था और विश्वास से आते हैं। यही अंतर बरज़ख की परीक्षा को दुनिया की परीक्षाओं से कहीं ज़्यादा कठिन…