हज़रत आयतुल्लाह मुहम्मद तक़ी बहजत ने अपनी किताब “बहजतुद्दुआ” के एक हिस्से में इस बात पर ज़ोर दिया है कि ज़िक्र और आध्यात्मिक आदाब में अल्लाह से मोहब्बत बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा सलवात…