बाबीयत के इतिहास में सुबह-ए-अज़ल एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। बाब की मृत्यु के बाद बाबी आंदोलन के नेतृत्व और बाद में अज़ली और बहाई समूहों के विभाजन के संदर्भ में उनका नाम सामने आता है।