कर्बला से शाम और शाम से कर्बला होते हुए मदीना तक का सफर केवल एक यात्रा नहीं था, बल्कि पैग़ाम-ए-आशूरा की रक्षा, उसके अस्तित्व और उसे आगे पहुंचाने का सफर था। कर्बला में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और…