मिस्र के अल-अज़हर के विद्वान युसरी जब्र ने ज़ोर देकर कहा कि माता-पिता के साथ भलाई करना अल्लाह की राह में जिहाद के बराबर हो सकता है और कुछ परिस्थितियों में उससे भी बढ़कर हो सकता है।