मुगल मस्जिद (7)
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भारतमौलाना सय्यद अबुल कासिम रिज़वी की दिवंगत माता की मजलिस ए सोयम मस्जिद-ए-ईरानियां, मुंबई में आयोजित
मौलाना सय्यद अबुल कासिम रिज़वी की दिवंगत माता की मजलिस ए सोयम 3 सितंबर 2026 को जुमे की रात मगरिब और ईशा की नमाज़ के बाद मस्जिद-ए-ईरानियां (मुग़ल मस्जिद), भिंडी बाज़ार, मुंबई में आयोजित हुई। इस…
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इंटरव्यूशहीद सुप्रीम लीडर की अंतिम विदाई वैश्विक जागरूकता, प्रतिरोध की भावना और ईरान-भारत के सभ्यतागत संबंधों के पुनर्जीवन का ऐतिहासिक प्रतीक थी: हुज्जतुल इस्लाम सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी
भारत के प्रसिद्ध शहर मुंबई की मस्जिद-ए-ईरानियान के इमाम-ए-जमाअत, प्रसिद्ध वक्ता और विचारक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लेमीन सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी ने हौज़ा न्यूज़ एजेंसी को दिए गए विशेष साक्षात्कार…
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9 मोहर्रम की रात मुग़ल मस्जिद मुंबई की मरकज़ी मजलिस
भारतकर्बला केवल एक जंग नहीं है, बल्कि प्रेम, वफ़ा और बलिदान का अमर सबक हैः मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी
मुग़ल मस्जिद में मरकज़ी अशरा-ए-मोहर्रम के समापन और शब-ए-आशूरा की मजलिस को खिताब करते हुए हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी ने कहा कि जब प्रेम अपनी चरम सीमा पर पहुँचता…
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भारतमोहब्बत एक जज़्बा नहीं, एक सफ़र है और इस सफ़र की आख़िरी मंज़िल शहादत है: मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी
मुंबई की क़दीमी और मरकज़ी अशरा-ए-मजलिस, मस्जिद ईरानियान (मुग़ल मस्जिद) में सातवीं मुहर्रम की मजलिस को संबोधित करते हुए हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी ने कहा कि सच्ची…
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भारतमुम्बई मे सुप्रीम लीडर की याद मे शोक सभा, विद्वानो का ईरान से एकजुटता और व्यवहारिक समर्थन की घोषणा
मस्जिद ए ईरानीयान मुम्बई मे मुज्तमेअ उलमा व खुत्बा के तत्वाधान आयोजित होने वाली शोक सभा मे विद्वानो ने सुप्रीम लीडर की शहादत पर गहरे ग़म और दुख व्यक्त करते हुए इस्लामी समुदाय को संवेदना व्यक्त…
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भारतसुप्रीम लीडर का समर्थन; एक मॉडरेट और क्रांतिकारी सोच का समर्थन है: मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी
मस्जिदे ईरानीयान (मुगल मस्जिद) मुंबई के इमाम जमात मौलाना सय्यद नजीबुल हसन ज़ैदी ने अपने बयान में ट्रम्प की बकवास और मूर्खतापूर्ण बातो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि अगर इस्लामिक क्रांति के…
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आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली:
उलेमा और मराजा ए इकरामसच्ची आज़ादी लालच और वासना से मुक्ति में निहित है, आंतरिक गुलामी बाहरी गुलामी से ज़्यादा ख़तरनाक है
हौज़ा/ आयतुल्लाहिल उज़्मा जवादी आमोली ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लालच का आदी है, तो उसे समझ लेना चाहिए कि वह एक गुलाम है; इसलिए, दूसरों को आज़ाद करने से पहले, व्यक्ति को पहले खुद को आज़ाद करना…