मौलाना सय्यद रज़ी हैदर फंदेड़वी ने मजलिस को संबोधित करते हुए कहा कि कर्बला में शिम्र सेना का सेनापति नहीं था, बल्कि वह उबैदुल्लाह इब्न ज़ियाद का प्रतिनिधि बनकर आया था और उसने उमर बिन सअद पर युद्ध…
इस परंपरा को बचाने, बढ़ावा देने और फैलाने के लिए भारतीय उपमहाद्वीप में विद्वानों, उपदेशकों, कवियों और मानने वालों ने बहुत कीमती सेवाएं दी हैं। यही वजह है कि ग़दीर यहाँ सिर्फ़ एक ऐतिहासिक घटना…
हौज़ा / बर्र-ए-सगीर की इल्मी तारीख़ कुछ ऐसी ख़ामोश अज़मतों से भरी हुई है जिनकी रोशनी अपने अहद को मुनव्वर करके बाद के ज़मानों में धुंधला दी गई। आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद मोहसिन ज़ंगी पूरी रह॰ उन्हीं…