हौज़ा/अगर समाज में परिवार न हो तो इंसानों की तरबियत और सभी रूहानी ज़रूरतें पूरी नहीं हो पाएंगी, क्योंकि इंसान का मेज़ाज ऐसा है कि घर के माहौल और माँ बाप की आग़ोश के बिना ऐसी स्वस्थ, मुकम्मल और…