शादी (4)
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इस्लामी घराना:
धार्मिकइस्लाम सही उम्र व सही वक़्त पर शादी के लिए ज़ोर देता है
हौज़ा / शादी की उम्र का मसला भी, जिस पर इस्लामी किताबों में ताकीद की गयी है कि शादी की उम्र कहीं ज़्यादा न हो जाए और जवानों को जल्दी शादी कर लेनी चाहिए, अख़लाक़ी बुराइयों के ख़तरे से बचाने के…
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इस्लामी घराना:
धार्मिकमियां बीवी के दरमियान मोहब्बत, सामाजिक मैदान में औरत की मुश्किलों को कम कर देती है
हौज़ा / अगर फ़ैमिली में औरत को मनोवैज्ञानिक व नैतिक नज़र से सुरक्षा हासिल हो, सुकून व इत्मेनान हो तो हक़ीक़त में शौहर उसके लिए लेबास समझा जाता है जैसा कि वह शौहर के लिए लेबास है। जैसा कि क़ुरआन…
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धार्मिकपारिवारिक प्रशिक्षण | युवाओं को विवाह के लिए तैयार करने में माता-पिता की प्रभावी भूमिका
हौज़ा / अगर आप अपने बेटे की शादी करना चाहते हैं तो सबसे पहले उससे खुलकर और प्यार से बात करें: क्या वह आर्थिक रूप से तैयार है? क्या उसके पास जीवन जीने के मूल कौशल हैं? क्या वह नैतिक और व्यवहारिक…
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महिलाओं का इतिहास, भाग - 5
बच्चे और महिलाएंप्राचीन ग्रीस और रोम में महिलाओं की लाचारी और उत्पीड़न की कहानी
हौज़ा / रोम और ग्रीस के पुराने समाजों में औरतों को मा तहत, बे‑इख़्तियार और अमूल्य प्राणी समझा जाता था। उनकी ज़िंदगी के तमाम मामलात चाहे इरादा हो, शादी, तलाक़ या माल‑ओ‑जायदाद सब मर्दों के इख़्तियार…