हौज़ा/माहें रमज़ानुल मुबारक कि उन्नीसवी कि शब यानी पहली शबे कद्र के आमाल में हज़रत मासूमा ए क़ुम अ.स. के हरम में बड़ी संख्या में मोमिनीन उपस्थित रहे और बड़ी अकीदत के साथ आमाल को अंजाम दिया