हौज़ा/शेख दामूश ने कहा कि अंतिम संस्कार में शामिल होना एक बड़ा सवाब है और यह दिन वफादारी की निशानी होगी। जब तक क्षेत्र पर कब्जा है, प्रतिरोध को किसी वोट या अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि…