हौज़ा / हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख की उपस्थिति मे मरकज़ मुतालेआत व पासुखगोई बे शुबहात की ओर से प्रकाशित किताब अज़ शुब्हे ता फ़ितने का अनावरण समारोह काआयोजन किया गया।
हौज़ा / याह्या बिन अक़्सम, जिन्हें मामून के राज में बसरा का सबसे बड़ा और मशहूर जज माना जाता था, ज्ञान और बहस में खुद एक मिसाल थे। लेकिन यही याह्या बिन अक़्सम, जब मुहम्मद के परिवार के विद्वान…
हौज़ा / हज़रत इमाम जाफ़र सादिक (अ) ने कहा: "मेरे पिता अल्लाह को बहुत याद करते थे। जब मैं उनके साथ चलता था, तो वे चलते हुए भी अल्लाह को याद करते थे, और जब मैं उनके साथ खाता था, तो वे अल्लाह को…
हौज़ा/बरज़ख के सवाल आसान लगते हैं, लेकिन उनके उत्तर ज़ुबान या मन से नहीं, बल्कि हृदय की गहरी आस्था और विश्वास से आते हैं। यही अंतर बरज़ख की परीक्षा को दुनिया की परीक्षाओं से कहीं ज़्यादा कठिन…