अमेरिका और इस्राईल के साथ असमान युद्ध में ईरान न केवल पराजित नहीं हुआ, बल्कि अपनी स्वदेशी रक्षा क्षमता, रणनीतिक स्थिति, सामाजिक दृढ़ता और वैश्विक लोकप्रियता के बल पर एक ऐसी उभरती हुई महाशक्ति…
पूर्व के इस उभरते परिदृश्य में ईरान केवल एक देश नहीं बल्कि एक प्रतीक बन चुका है—एक ऐसा प्रतीक जो प्रतिरोध, आत्मनिर्भरता और नए वैश्विक संतुलन के निर्माण का प्रतिनिधित्व करता है। पश्चिम की ढलती…
अमसिन में अंजुमन-ए-असग़रिया अमसन कलाँ के तहत ताज़ियती जलसा और मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन हुआ, जिसमें उलेमा-ए-किराम ने अहलेबैत (अ) की तालीमात, सब्र व इस्तिक़ामत और विलायत की अहमियत को उजागर करते हुए…