सूरह क़द्र के अनुसार, फ़रिश्तों का तक़दीरों और मामलों के निर्धारण के लिए उतरना क़यामत तक जारी रहने वाली प्रक्रिया है। हर साल होने वाले इस नुज़ूल के लिए हर दौर में एक जीवित और मासूम इमाम का मौजूद…