आयतुल्लाह बहजत (र) इमाम हुसैन (अ) की मजलिसों में स्वयं कई काम किया करते थे। वे दरवाज़े के पास खड़े होकर आने वाले अज़ादारो का सम्मान करते थे, मेहमाननवाज़ी और स्वागत की व्यवस्था की निगरानी करते…