हौज़ा / हुज्जतुल इस्लाम नासिर ख़लज ने कहा कि अरबईन का महान आंदोलन केवल एक इबादत नहीं, बल्कि इमाम हुसैन (अ.स.) के प्रति प्रेम,आशूरा की याद को जीवित रखने और कर्बला के न्याय तथा ज़ुल्म-विरोध के…
हौज़ा / सामर्रा कोई बड़ा शहर नहीं था मगर
इन दो हस्तियों इमाम अली नक़ी और इमाम हसन असकरी अलैहिमुस्सलाम ने संपर्क और सूचना का ऐसा विशाल नेटवर्क बनाया कि वह इस्लामी दुनिया के कोने कोने तक फैल गया…
हौज़ा / हज़रत इमाम हसन असकरी अ.स का 3 रबीउस्सानी, 255 हिजरी में जुरजान तशरीफ ले गए वहां के लोगों के सवालों के जवाब के साथ-साथ बीमारियों में मुबतेला लोगों को शिफा दी।
हौज़ा / हज़रत इमाम हसन अलैहिस्सलाम का एक काम महामुक्तिदाता इमाम मेंहदी अलैहिस्सलाम की ग़ैबत के काल से मोमिनीन को अवगत करना और यह बताना था कि ग़ैबत अर्थात नज़रों से ओझल होना।