हौज़ा/ रमज़ान के पवित्र महीने में हरम ए करीमा ए अहले-बैत (अ.स.) में कई शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिसमें ईरान के प्रसिद्ध विद्वान और ज़ाकेरीन रोज़ा रखने वाले लोगों को संबोधित करते हैं।