हौज़ा / किरमानशाह में वली-ए-फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने इस बात की तरफ़ इशारा करते हुए कि इंसान हर वक़्त ख़ुदा को याद रखे और उसका दिलो-जान इस एहसास से मुतवज्जेह रहे कि वह परवरदिगार की बारगाह में मौजूद…
हौज़ा / आयतुल्लाहिल उज़्मा मोहम्मद तक़ी बहजत (रह.) ने फरमाया कि नमाज़ में दिल की मौजूदगी और खुशू का सबसे असरदार तरीका नमाज़ को अव्वाले वक्त पर अदा करना है क्योंकि वक्त की पाबंदी खुद-ब-खुद दिल…