बहरैन में सरकार समर्थक और उससे जुड़े ऐसा कोई सोशल मीडिया अकाउंट या समाचार मंच नहीं बचा, जिसने हुसैनी ख़तीब शैख़ जासिम अल-हद्दाद की गिरफ्तारी की खबर को दोबारा प्रकाशित न किया हो।