यह दावा कि "इमाम हुसैन (अ) को शियो ने शहीद किया" न तो शिया की वास्तविक परिभाषा से मेल खाता है और न ही ऐतिहासिक प्रमाणों से। क्योंकि शिया का अर्थ है इमाम का अनुयायी और आज्ञाकारी। जो व्यक्ति इमाम…
अमेरिका की टेक्सास राज्य के शहर ह्यूस्टन में स्थित मरकज़ अहलेबैत “दारुल अब्बास” में मुहर्रम के दस दिनों, यौम-ए-आशूरा और शाम-ए-ग़रीबां के अवसर पर मजलिस-ए-अज़ा आयोजित की गईं। इनमें बड़ी संख्या…
अमरोहा की अज़ादारी केवल कर्बला के ग़म को याद करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सदियों पुरानी सक़ाफ़ती और पारिवारिक रिवायत का भी प्रतीक है। यहाँ शबीह-ए-ताबूत, ज़ुलजनाह और अलमों की तैयारी जैसी अज़ाई…
कर्बला ए मौअल्ला में आशूरा के दिन तुवैरिज़ का ऐतिहासिक जुलूस-ए-अज़ा निकाला गया। यह अज़ादारी का जुलूस इस समय दुनिया में इमाम हुसैन की याद में निकलने वाला सबसे बड़ा जुलूस माना जाता है, जो पूरी…