हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन मौलाना सय्यद वलीउल हसन रिज़वी वली आज़मी के दुखद निधन की खबर सुनकर अकादमिक और धार्मिक हलकों में गहरे दुख और शोक की लहर फैल गई। स्वर्गीय एक अनुकरणीय शिक्षक, एक युवा वक्ता और एक अद्वितीय कवि थे, जिनकी शैक्षणिक और तबलीग़ी सेवाएं सदैव राष्ट्र के लिए प्रकाश की किरण रही हैं।
मरहूम ने विशेष रूप से युवाओं की समस्याओं और कठिनाइयों को सुलझाने तथा धार्मिक छात्रों की समझ और अंतर्दृष्टि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके वक्तव्य और उपदेश शैक्षणिक और बौद्धिक स्तर पर सराहनीय थे। धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष विज्ञान में उनका उच्च स्थान था, जैसा कि उनके लेखन और कविताओं से पता चलता है।
क़ुम अल मुक़द्देसा के बुनयादे अख्तरे ताबान (अल्लामा रजावी फाउंडेशन) ने मृतक के निधन पर उनके सभी रिश्तेदारों, विशेषकर उनके भाइयों, बच्चों, धार्मिक अधिकारियों, विद्वानों और छात्रों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
फाउंडेशन के संस्थापक और निदेशक सय्यद काज़िम रिज़वी ने दुआ की कि अल्लाह दिवंगत की धार्मिक सेवाओं को स्वीकार करे और उन्हें उच्च पद प्रदान करे।
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