हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार,शेख माहिर हमूद ने कहा,इस वक़्त इसराईल से रिश्ते सामान्य बनाने की कोशिशें और सिहियोनी दख़ल अंदाज़ी अपनी आख़िरी हद तक पहुँच चुकी है।
उन्होंने जुमआ के खुत्बे में कहा,ग़ज़्ज़ा की नदियों में हमारा ख़ून बह रहा है फिलिस्तीन के हर कोने में जख़्म रिस रहे हैं सिहियोनी जुर्म का हाथ इदलिब, हुम्स, हमाह और दरआ तक पहुँच गया है।
वहाँ हमारे बेहतरीन बहादुर शहीद हो चुके हैं यहाँ तक कि सैदा में अलक़स्साम ब्रिगेड का एक बहादुर सिपाही अपने बेटे और बेटी के साथ शहीद कर दिया गया मैं हसन फरहात और उनके खानदान की बात कर रहा हूँ।
शेख माहिर हमूद ने आगे कहा,अमेरिका और उसके बाद सिहियोनी ता'क़तें अब लेबनान की सियासत की तफ़सीलात तक में दखल दे रही हैं। मिसाल के तौर पर लेबनान के बैंक के सदर के लिए कोई ऐसा उम्मीदवार नहीं आया जिसके पास वतनपरस्ती और साफ़ सोच हो।
उन्होंने कहा,बहुत ज़्यादा लोग जो इसराईल के सामने झुकने और रिश्ते बनाने के हामी हैं उनकी तादाद ज़्यादा हो जाने से वो लोग हक़ पर नहीं हो जाते और ना ही इस तादाद की कमी से हम मुक़ावमत की मुख़ालफ़त पर मजबूर हो सकते हैं।
आख़िर में उन्होंने वाज़ेह कर दिया,इसराईल से रिश्ते बनाने वाला प्रोजेक्ट नाकाम है और मुक़ावमत की लाइन ही आख़िर में तमाम मुश्किलात और दबाव के बावजूद जीत हासिल करेगी।
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