हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , इंडोनेशिया के आधिकारिक दौरे को आगे बढ़ाते हुए जामिया अल-मुस्तफा अल-आलमिया के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन डॉक्टर अब्बासी ने मलंग शहर में स्थित हुसैनिया मिस्बाहुल होदा और अल-कौसर शैक्षिक परिसर का दौरा किया जहाँ उन्होंने दोनों संस्थानों की शैक्षिक और प्रशिक्षण गतिविधियों का निकट से जायज़ा लिया।
दौरे की शुरुआत में अल-कौसर शैक्षिक परिसर के प्रमुख और जामिया अल-मुस्तफा के स्नातक, उस्ताद ज़ाहिर यहया ने विस्तृत ब्रीफिंग दी और संस्था की शैक्षिक उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और इस्लामी शिक्षाओं के प्रसार के लिए चल रई गतिविधियों से अवगत कराया। उनके अनुसार, अल-कौसर और हुसैनिया मिस्बाहुल हुदा का उद्देश्य इंडोनेशिया की युवा पीढ़ी को मज़बूत धार्मिक आधार, नैतिक शिक्षा और बौद्धिक स्थिरता से समृद्ध करना है।
बाद में, हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन डॉक्टर अब्बासी ने दोनों केंद्रों के शिक्षकों, प्रबंधकों और छात्रों से मुलाकात की और चल रही गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की शैक्षिक और आध्यात्मिक लगन की सराहना करते हुए प्रशासन और शैक्षिक स्टाफ की ईमानदारी और निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि "युवा पीढ़ी में धार्मिक शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रसार सबसे महत्वपूर्ण और स्थायी सेवा है। इन केंद्रों में दिखने वाला अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी इंडोनेशिया के समाज में इस्लामी नैतिकता और ज्ञान की मज़बूती का प्रतीक है।
याद रहे कि जामिया अल-मुस्तफा के प्रमुख का यह दौरा इंडोनेशिया में इस्लामी शैक्षिक संस्थानों के साथ संबंधों को बढ़ावा देने और संयुक्त शैक्षिक व प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
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