हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के रहनूमा अल्लामा अशफ़ाक वहीदी ने हाल ही में पाकिस्तान सरकार के 'बोर्ड ऑफ पीस' में शामिल होने और हस्ताक्षर करने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियां शहबाज शरीफ का धार्मिक दलों के विद्वानों और राजनीतिक दलों को विश्वास में लिए बिना शामिल होकर हस्ताक्षर करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा, चोर भी कहे चोर चोर, आज जो खुद निर्दोष लोगों का खून बहा चुका है और कई क्षेत्रों में युद्ध के रूप में जनता की जान से खेल रहा है, वह शांति का समर्थक कैसे हो सकता है?
आल्लामा अशफ़ाक वहीदी ने आगे कहा,ऐसे साम्राज्यवादी जो मुस्लिम देशों में सांप्रदायिकता और भेदभाव फैलाने में शामिल हैं, पाकिस्तान के वर्तमान शासकों को उनका बहिष्कार करना चाहिए और जिन क्षेत्रों में अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है, मुस्लिम देशों को एपीसी बुलाकर इन शक्तियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पेश करना चाहिए ताकि शांति बहाल हो सके।
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