शनिवार 24 जनवरी 2026 - 14:50
ईरानी शासन के खिलाफ़ अमेरिका और इज़राईली षडयंत्र विफ़ल हो गएः मौलाना कल्बे जवाद नक़वी

हौज़ा / ईरान मे बीते दिनो अमेरिकी और इज़राईला षडयंत्रो के अंतर्गत होने वाले विरोध प्रदर्शनो की निंदा करते हुए मजलिस ए उलमा ए हिंद के सचिव मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि अमेरिका और इज़राईल ईरान के इस्लामी शासन से भयभीत है जिसके खिलाफ निरंतर षडयंत्र रचे जा रहे है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान मे बीते दिनो अमेरिकी और इज़राईला षडयंत्रो के अंतर्गत होने वाले विरोध प्रदर्शनो की निंदा करते हुए मजलिस ए उलमा ए हिंद के सचिव मौलाना सय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि अमेरिका और इज़राईल ईरान के इस्लामी शासन से भयभीत है जिसके खिलाफ निरंतर षडयंत्र रचे जा रहे है।

उन्होने कहा कि जब से ईरान मे क्रांति आई है तबसे अमेरिका और इज़राईल का प्रयास यह रहा है कि क्रांति को समाप्त कर दिया जाए।

उन्होने कहा कि आज भी ईरान मे जो हालात तनाव पूर्ण है उसके पीछे उपनिवेशवादी शक्तिया कारफरमा है। प्रदर्शकारीयो के पास आधुनिक खतरनाक हथियार का मौजूद होना यह व्यक्त करता है कि उन्हे विदेशी शक्तियो का समर्थन प्राप्त है। दुशमनो ने ईरानी सरकार को गिराने की पूरी योजना बनाई थी लेकिन जिसको ईरानी जनता और नेतृत्व ने विफ़ल बना दिया।

मौलाना ने प्रदर्शकारीयो से दंगाईयो और फ़ितना करने वालो को अलग करते हुए कहा कि ईरान मे जो काम प्रदर्शन के नाम पर दंगाईयो ने किया वह मुसल्मान नही कर सकते। मस्जिदो और इमामबाड़ो को जलाया गया है। पवित्र स्थलो का अपमान किया गया है और उन्हे आग लगाई गई है। राष्ट्रीय और सरकारी सम्पित्त को नुकसान पहुंचाया गया। भवनो मे आग लगाई गई, यह काम कोई मुसलमान नही कर सकता।  इसका अर्थ यह है कि प्रदर्शनकारीयो के बीच दंगा करने वाले मुसलमान नही बल्कि अमेरिका और इज़राइल के ऐजेंट है जो प्रदर्शकारीयो के बीच घुसकर हालात को बिगाड़ रहे है। उन्होने कहा कि इससे पहले भी अमेरिका और इज़राईल ने हालात तनावपूर्ण करने का प्रयास किया है किंतु हमेशा ईरानी जनता की एकजुटता और समझदारी ने इन योजनाओ को मिट्टी मे मिला दिया है। मौजूदा हालात मे भी ईरानी राष्ट्र ही अमेरिकी और इज़राईली षडयंत्रो को विफ़ल करदेगी जिसका आरम्भ हो चुका है। व्यापक रैलीया क्रांति और सुप्रीम लीडर के समर्थन मे निकल रही है जिसे मीडिया छुपाने का प्रयास कर रहा है।

इमाम जुमा मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने कहा कि जो लोग यह कह रहे है कि यह प्रदर्शन महंगाई के खिलाफ हो रहे है उनसे सवाल होना चाहिए कि आखिर महंगाई किस की वजह से है महंगाई ईरानी सरकार के कारण नही है बल्कि अमेरिकी प्रतिबंधो के कारण है। अतः प्रदर्शन ईरानी सरकार के खिलाफ़ नही बल्कि अमेरिकी प्रतिबंधो को खिलाफ़ होना चाहिए। इससे मालूम होता है कि यह प्रदर्शन महंगाई के नाम पर क्रांति को समाप्त करने के लिए शुरू किए गए जो अमेरिकी और इज़राईली षडयंत्रो का हिस्सा है।

मौलाना ने कहा सुप्रीम लीडर का स्पष्ट बयान है कि हम परमाणु हथियार नही बनाएंगे, इसके बा वजूद परमाणु ऊर्जा को बहाना बनाकर ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लागए गए और निरंतर हमले की धमकीया दी जा रही है। इसका अर्थ यह है कि परमाणु हथियार केवल हमले का बहाना है। यह शक्तिया ईरान के निज़ाम से भयभीत है और शासन का परिवर्तन के लिए दंगा और फ़साद फ़ैला रही है।

मौलाना ने कहा कि ईरान ने परमाणु ऊर्जा  एजेंसी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे कि हम परमाणु हथियार नही बनाऐगें, इसके बा वजूद ईरान पर परमाणु हथियारो के बहाने प्रतिबंध लगाए गए जिसकी दुनिया को विरोध करने चाहिए था।

मौलाना ने कहा कि जिन देशो ने परमाणु हथियार बनाए उनपर कोई प्रतिबंध नही है लेकिन ईरान निरंतर कह रहा है कि हम परमाणु हथियार नही बनाएंगे और वैश्विक उर्जा ऐजेंसी के साथ सहायता भी कर रहा है। उस पर परमाणु हथियारो के बहाने प्रतिबंध लगाए जा रहे है। हकीकत मे ईरान पर हमले के बहाने खोज रहे है ताकि इस्लामी निज़ाम को नुकसान पहुंचाया जा सके, किंतु अब उनके षडयंत्र बे नकाब हो चुके है।

मौलाना ने अपने बयान मे कहा कि अमेरिकी जनता ने एक गुंडे को अपना राष्ट्रपति चुना है। इस गुंडे ने वेनेज़ोएला के राष्ट्रपति का उपहरण कर लिया मगर दुनिया खामोश रही। भारत ने भी इस घटना की निंदा नही की जो खेदनीय है। हम भारत से अपील करते है कि हमारी सरकार वेनेजुएला और ईरान मे अमेरिकी हस्तक्षेप की निंदा करे। अंतः अमेरिका को यह इख्तियार किसने दिया कि वह दूसरे देशो के मामलात मे हस्तक्षेप करे। वेनेजुएला के बाद अब हर देश की सरकार खतरे मे है। किया जिस देश से अमेरिका नाराज़ होगा उसके राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को उठाले जाएंगे इसकी वैश्विक स्तर पर विरोध होना चाहिए ताकि भविष्य मे अमेरिका ऐसा दुसाहास का मुजाहेरा ना कर सके।

मौलाना ने कहा कि ईरान मे जो प्रदर्शन हो रहे है उनमे सम्मिलित दंगाई अमेरिकी और इज़राईली झंडे उठाए हुए है। अगर कोई भारत मे चीन का और पाकिस्तान का झंडा लेकर प्रदर्शन करेगा तो क्या हमारी सरकार और जनता इसकी समर्थन करेंगे कदापि नही इसको देशद्रोही कहा जाएगा और सरकार कार्रवाई करेगी, यही ईरान मे भी हो रहा  है । कुछ प्रदर्शनकारी जो एजेंट है वो अमेरिका और इजराईल के झंडे उठाए हुए थे उनके खिलाफ ईरान ने कार्रवाई की है जिसे मीडिया ग़लत अंदाज मे पेश कर रहा है। उन्होने कहा कि भारतीय सरकार से अपील करते है कि ईरान मे अमेरिकी और इज़राईली हस्तक्षेप की निंदा की जाए और इन सरकारो का बायकाट किया जाए।

मौलाना ने मीडिया के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि मीडिया प्रोपेगंडा कर रहा है कि आयतुल्लाह ख़ामेनई ईरान छोड़ कर फ़रार कर रहे है, ऐसे बयानात निंदनीय है। मीडिया को अपना रवय्या सही करना चाहिए क्योकि हमारा नेतृत्व कभी फ़रार नही करता।

मौलाना ने कहा कि मीडिया को चाहिए कि वह हक़ीक़त तलाश करके जनता तक पहुंचाए और उपनिवेशवादी प्रोपेगंडो का शिकार न हो।

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