मंगलवार 27 जनवरी 2026 - 07:37
एकता ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है; विभाजन हम सभी के पतन की शुरुआत है: डॉ़ रिज़वानुस सलाम ख़ान

हौज़ा / ईरान की मौजूदा स्थिति पर तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और खाड़ी देशों को संबोधित करते हुए जामेअतुल मुस्तफ़ा अल आलमिया से पीएचकर भारत लौटे डॉ रिज़वानुस सलाम ख़ान ने कहा कि एकती ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है और विभाजन हम सभी के पतन की शुरूआत है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान की मौजूदा स्थिति पर तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और खाड़ी देशों को संबोधित करते हुए जामेअतुल मुस्तफ़ा अल आलमिया से पीएचकर भारत लौटे डॉ रिज़वानुस सलाम ख़ान ने कहा कि एकती ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है और विभाजन हम सभी के पतन की शुरूआत है।

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

तुर्की, सऊदी अरब, पाकिस्तान, मिस्र और खाड़ी देशों—
यह न समझें कि अगर आज ईरान को निशाना बनाया गया है और उसे घेर लिया गया है, तो यह मामला यहीं खत्म हो जाएगा। अल्लाह की क़सम, आज नहीं तो कल दूसरों की बारी भी आएगी। कोई भी देश इन साज़िशों से सुरक्षित नहीं रहेगा।

इसी कारण, मैं पूरी ईमानदारी और स्पष्ट आवाज़ में आप सभी से अपील करता हूँ कि एकजुट हों, आपसी मतभेद भुलाकर ईरान के साथ खड़े हों; क्योंकि आज ईरान के पक्ष में खड़ा होना वास्तव में सभी मुस्लिम राष्ट्रों और दुनिया के स्वतंत्र सोच रखने वाले लोगों की स्वतंत्रता, गरिमा और भविष्य की रक्षा है।

एकता ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है; विभाजन हम सभी के पतन की शुरुआत है।

डॉ. रिज़वानुस सलाम ख़ान
कोलकाता, भारत
27/01/2026

टैग्स

आपकी टिप्पणी

You are replying to: .
captcha