हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,यूरोपीय देशों द्वारा ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित करना आलोचना का कारण बन गया है। इसे खुल्लमखुल्ला तौर पर पक्षपात के रूप में देखा जा रहा है और इसकी जमकर निंदा की जा रही है क्योंकि आईआरजीसी ने ही आईएसआईएस का ख़िलाफ़ खुलकर मुक़ाबला किया था। आईएसआईएस के कारण ही आईएसआईएस कमज़ोर हुआ।
यमन सरकार के उप विदेश मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को निशाना बनाया जाना इस बात का प्रमाण है कि यह बल क्षेत्र में इज़रायल की विनाशकारी परियोजनाओं का सामना करने में एक प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
यमन सरकार के उप विदेश मंत्री अब्दुलवाहिद अबू रास ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ़ किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पर किसी भी प्रकार का हमला केवल हार और निश्चित नुकसान का ही कारण बनेगा।
अल-मयादीन के हवाले से उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड और ईरान की इस्लामिक गणराज्य अजेय हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि दुश्मन शासन इतना कमज़ोर है कि वह इस प्रतिरोध को तोड़ सके या इस संकल्प को कमजोर कर सके।
अबू रास ने पश्चिमी शक्तियों की व्यवस्था पर यह आरोप भी लगाया कि वे अरब और इस्लामी देशों को जानबूझकर कमजोर और निर्बल बनाए रखना चाहती हैं, ताकि उन्हें क्षेत्र में अपनी योजनाओं और हितों को लागू करने के औज़ार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
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