हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ह़ज़रत आयतुल्लाहिल उज़मा अलह़ाज ह़ाफ़िज़ बशीर हुसैन नजफ़ी के बेटे मौलाना अली नजफी ने 3 शाबानुल मोअज़्ज़म 1447 हिजरी को बै़नुल हरमैन, कर्बला मुक़द्दसा में तेरहवें वैश्विक “जश्न-ए-सब्र व वफ़ा” में भाग लिया और उपस्थित लोगों को संबोधित किए।
उन्होंने कहा कि इससे बड़ी सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है कि हमें इस पवित्र भूमि पर हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और हज़रत अबुलफ़ज़्ल अल-अब्बास (अ.स.) के जन्मोत्सव को मनाने की तौफ़ीक़ नसीब हुई है।

उन्होंने उपस्थित लोगों की सेवा में मरज-ए-आली क़द्र का सलाम, उनकी दुआएँ और उनका संदेश भी पहुँचाया।
मोमेनीन आपस में एकजुट हो जाएँ,हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की अज़ादारी और मिम्बर-ए-हुसैनी से हर हाल में जुड़े रहें,दीन और मज़हब के विरुद्ध होने वाली वैचारिक, सांस्कृतिक और नैतिक साज़िशों का डटकर मुकाबला करें और दीन व अक़ीदे से अपने जुड़ाव को और अधिक मज़बूत बनाए रखें।

उन्होंने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) के हरम, हज़रत अब्बास (अ.स.) के हरम और इदारा-बैनुल हरमैन के ज़िम्मेदारों का उनके सहयोग पर धन्यवाद अदा किया।और अंजुमन ग़ुलामाने सैय्यदा ज़ैनब (अ.स.) लखनऊ, भारत, जो केंद्रीय कार्यालय की देखरेख में पिछले तेरह वर्षों से इस जश्न का आयोजन कर रही है, को बधाई पेश की और अधिक सफलता व तौफ़ीक़ के लिए बारगाह-ए-इलाही में दुआ की।
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