हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , जामिया ए मुदर्रेसीन हौज़ा ए इल्मिया क़ुम की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि 22 बहमन को इस साल भी ईरानी क़ौम ने अपनी ताक़त और इज़्ज़त का मुज़ाहिरा करते हुए दुनिया भर में एक बार फिर ये साबित कर दिया कि वह इस्लामी इंकेलाब के उसूलों और क़दरों पर अडिग है। बयान में कहा गया कि लोगों ने जागरूकता और ज़िम्मेदारी के साथ मैदान में आकर दुश्मनों को मायूस कर दिया।
संदेश में ईरानी क़ौम के ईमान, एकता और जागरूकता को सलाम पेश करते हुए 22 बहमन की रैली में उनकी सरफ़राज़ाना और दुश्मन शिकन मौजूदगी को इस्लामी इंकेलाब के बानी इमाम ख़ुमैनी (रह.) और इंकेलाब के शहीदों से नए सिरे से वफ़ादारी का इज़हार करार दिया गया है। जामेया मुदर्रेसीन ने इसे ख़ुदा की मेहरबानी और रहमत की निशानी बताते हुए सभी लोगों का मुख़लिसाना और दिली शुक्रिया अदा किया।
बयान में साफ़ किया गया कि क़ौम ने इस्लामी व्यवस्था के समर्थन में अपनी भूमिका बेहतरीन तरीक़े से निभाई है, इसलिए अब हुक्काम और ज़िम्मेदारान पर लाज़िम है कि वे आम लोगों की मुश्किलात, ख़ासतौर पर मआशी और रोज़मर्रा की ज़िंदगी से जुड़े मसाइल के हल के लिए अमली क़दम उठाएं। जामया मुदर्रेसीन ने ज़ोर दिया कि आर्थिक मसाइल का बरवक़्त हल दुश्मन की साज़िशों और प्रोपेगैंडा को नाकाम बनाने में अहम किरदार अदा करेगा।
पैग़ाम के आख़िर में इस उम्मीद का इज़हार किया गया कि ईरान ईमान, एकता और लोगों की जद्दोजहद के साये में, रहबरे मुआज़्ज़म इंकेंलाब आयतुल्लाहिल उज़मा इमाम ख़ामेनेई की दाना क़ियादत के तहत अपने दरख़्शाँ मुस्तक़बिल की तरफ गामज़न रहेगा और जदीद इस्लामी संस्कृति के क़ियाम और हज़रत इमाम मेंहदी (अ.स.) के ज़हूर की तैयारी की राह पर कदम बढ़ाता रहेगा।
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