हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के गुलिस्तान प्रांत मे वली फ़क़ीह के प्रतिनिधि आयतुल्लाह सय्यद काज़िम नूर मुफ़ीदी ने गुरगान शहर मे उम्मत के शहीद इमाम के शीर्षक से आयोजित सार्वजनिक इज्तेमाअ से अपने संबोधन मे लोगो की पुर जोश भागीदारी पर उनका धन्यवाद किया।
उन्होने कहाः अगर दुनिया के लोग आज तक ईरानी जनता का सही रूप से नही पहचान सके थे तो सुप्रीम लीडर की शहादत के बाद होने वाले यह व्यापक समारोह स्पष्ट कर देते है कि ईरानी जनता अपने नेज़ाम, देश और अपने सिद्धांत के साथ किस हत तक वफ़ादार है।
उन्होने कहाः अल्लाह तआला अपने वफ़ादार बंदो का सम्मान करता है। कुरआन करीम के वादे के अनुसार जो लोग हक़ के मार्ग पर चलते है और सरकार की रक्षा के लिए खड़े होते है, अल्लाह उनका सम्मान करता है। हमे विश्वास है कि इस दृढता का परिणाम ईरानी जनता की सफ़लता और दुशमनो तथा उपनिवेशवाद की पराजय के रूप मे जाहिर होगा।
आयतुल्लाह नूर मुफ़ीदी ने ईरानी जनता के पुराने इतिहास और संस्कृति की ओर इशारा करते हुए कहाः ईरान जनता एक पुरानी और गौरवित जनता है जिसकी हज़ारो वर्ष पुरानी एक सांस्कृतिक इतिहास है। इस जनता ने इस्लाम से पहले और बाद दोनो दौर मे दुनिया को अनगिनत इल्मी और संस्कृतिक व्यक्ति दिए है और उन महान वैचारको के सिद्धांत आज भी दुनिया की यूनिवर्सिटीयो और इल्मी मरकज़ो मे ध्यान का केंद्र बने हुए है।
गुलिस्तान प्रांत मे वील फ़क़ीह के प्रतिनिधि ने क्षेत्र की स्थिति मे उपनिवेशवाद की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहाः दुशमनो ने अपने उद्देश्यो की प्राप्ती के लिए इस क्षेत्र मे ज़ायोनी सरकार की स्थापना की लेकिन ईरानी जनता ने अपने ईमान, इतिहास और पहचान के सहारे इन षडयंत्रो के सामने दृढ़ता दिखाई।
उन्होने ईरानी सशस्त्र बलो की सराहना करेत हुए कहाः आईआरजीसी, इस्लामी गणतंत्र ईरान की सेना और दूसरी सुरक्षा संस्थान दिन रात जनता और देश की रक्षा के लिए प्रयास कर रही है। हम अल्लाह तआला से दुआ करते है कि वह इन्हे अधिक मदद, शक्ति, और सम्मान प्रदान करे।
आयतुल्लाह नूर मुफ़ीदी ने शब ए क़द्र के आगमन का उल्लेख करते हुए कहाः हम जनता से आग्रह करते है कि इन बरकत वाली रातो मे अपनी व्यक्तिगत दुआओ से पहले देश के सम्मान और सफलता, ईरानी जनता की सफलता, दुशमनो के शर से सुरक्षा और इस प्रणाली की मार्गदर्शन और नेतृत्व की निरंतरता के लिए दुआ करें।
उन्होने राष्ट्रीय एकता और समंजस के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहाः आज हमारा सबसे बड़ा हथियार राष्ट्रीय एकता है, इसलिए सबको चाहिए कि ऐसी कोई बात ज़बान पर ना लाऐं जो समाज मे विभाजन पैदा करे।



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