हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , तेहरान टाइम्स ने एक ईरानी सूत्र के हवाले से लिखा,मित्र देशों की खुफिया एजेंसियों ने घोषणा की है कि ईरान के खिलाफ युद्ध के संचालन कक्ष (कमांड रूम) को लेकर अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद बढ़ गए हैं।
इन सूत्रों ने बताया कि इस मामले की चरम सीमा ईरान के तेल भंडारण अवसंरचना पर हमले के बाद उत्पन्न हुई है क्योंकि ईरान ने धमकी दी है कि ईरान के तेल संसाधनों पर आघात, इजराइल पर आघात के बराबर नहीं होगा बल्कि पूरे क्षेत्र को इसकी कीमत चुकानी होगी।
ट्रंप द्वारा ईरान के नागरिक अवसंरचना (सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर) पर हमले की धमकी, इजराइलियों के प्रति उनकी अधीनता और झुकाव का संकेत थी, जबकि अमेरिकी मीडिया ने इस देश के सैन्य अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि इस मामले में कोई सहमति मौजूद नहीं है।
इस वर्ष की गर्मियों के 12-दिवसीय युद्ध के दौरान भी पेंटागन के करीबी सूत्रों से ऐसी सूचनाएं प्रकाशित हुई थीं कि जारी रखने के तरीके और युद्ध के स्वरूप को लेकर इजराइली और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के बीच अंतिम दिनों में मतभेद चरम पर थे।
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