हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,हुज्जतुल इस्लाम अली ज़ाहिद दोस्त ने बुशहर में एक सभा में कहा कि ईरान की क्रांति और रमजान युद्ध में जीत जनता के समर्थन और प्रतिरोध की बदौलत मिली हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों ने बमबारी के दौरान भी सड़कों को नहीं छोड़ा और अपने संघर्ष से क्रांति की रक्षा की। आज हमें गर्व है कि शहीदों के बलिदान की बरकत से देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहां,शहीद नेता पर शोक: समाज ने अपने एक दुर्लभ नेता आयतुल्लाह खुमैनी र.ह. को खो दिया, जिनकी कमी पूरी करना मुश्किल है। लोग 40 दिनों से अधिक समय तक शोक में रहे, लेकिन उनके रास्ते पर चलने की प्रतिबद्धता जताई।
दुश्मन की नाकामी,दुश्मनों ने सोचा था कि नेता की शहादत से लोगों का हौसला टूट जाएगा, लेकिन लोगों ने सड़कों पर उतरकर उनकी उम्मीदों को गलत साबित कर दिया।युद्ध और मुश्किल हालात: बमबारी के बीच भी लोगों ने क्रांति का साथ नहीं छोड़ा। दुश्मन ईरान की तरक्की रोकना चाहते थे, लेकिन असफल रहे।
उन्होंने कहा बातचीत में सख्ती: देश की कूटनीतिक टीम ने मजबूती से राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा की। भले ही सामने वाले ने वादे तोड़े, लेकिन हम अपने सिद्धांतों से पीछे नहीं हटे।नए नेता की भूमिका: दुश्मन ने सोचा था कि पिछले नेता की शहादत के बाद क्रांति का रास्ता रुक जाएगा, लेकिन नए नेता ने रक्षा और कूटनीति जैसे क्षेत्रों में इस रास्ते को और मजबूत किया है।
अंत में उन्होंने कहा,मौजूदा मुश्किल समय में सरकार, बुशहर के गवर्नर और दश्ती जिले के अधिकारियों के प्रबंधन की सराहना की, जिन्होंने युद्ध जैसे हालात में देश को किसी चीज़ की कमी नहीं होने दी।
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