हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आंध्र प्रदेश राज्य के पूर्वी क्षेत्र में स्थित विशाखापट्टनम शहर में शहीद-ए-उम्मत (रहबर शहीद) के चेहलुम का एक प्रतिष्ठित समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और विचारधाराओं से संबंध रखने वाले लोगों ने भाग लेकर असाधारण एकजुटता और सद्भाव का प्रदर्शन किया।
हिंदुस्तान में वली-ए-फ़कीह के प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, इस अवसर पर हुज्जतुल इस्लाम वल-मुस्लिमीन डॉ. अब्दुलमजीद हकीम इल्लाही के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। उनका स्वागत उलेमा, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, शैक्षिक हस्तियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक किया, जो इस समारोह की महत्ता और जनता की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण था।
मुख्य कार्यक्रम हुसैनिया इमाम रज़ा (अ.स.) में आयोजित किया गया, जहाँ शिया, सुन्नी, हिंदू और अन्य धर्मों से संबंधित लोगों की बड़ी संख्या मौजूद थी। यह समागम केवल एक धार्मिक समारोह नहीं था, बल्कि अंतर-धार्मिक सद्भाव की एक व्यावहारिक तस्वीर बनकर सामने आया।
अपने भाषण में हुज्जतुल इस्लाम हकीम इल्लाही ने रहबर शहीद से जनता के संबंध, निष्ठा और इस्लामी समाज में इसकी वैचारिक नींव पर प्रकाश डाला, जिसे उपस्थित लोगों ने पूरे ध्यान से सुना। समारोह के बाद विभिन्न विचारधाराओं के विद्वानों ने उनसे मुलाकात की और एकजुटता एवं सहयोग पर जोर दिया।
इस अवसर पर एक स्थानीय मस्जिद में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ निष्ठा, धार्मिक मूल्यों और मानवीय जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर चर्चा की गई, जो इस यात्रा के व्यापक संदेश को दर्शाता है।
समारोह में हिंदू समुदाय और अन्य धर्मों के लोगों की भागीदारी विशेष रूप से ध्यान देने योग्य रही, जिसने धार्मिक सद्भाव की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत की। सुन्नी विद्वानों और मुफ्तियों की उपस्थिति ने भी इस कार्यक्रम की व्यापकता और प्रभावशीलता को उजागर किया।
स्पष्ट रहे कि यह समारोह केवल एक औपचारिक सभा नहीं थी, बल्कि एकता, निष्ठा और सामाजिक सद्भाव की एक व्यावहारिक मिसाल बनकर सामने आया, जिसने विभिन्न वर्गों के बीच निकटता और साझा मूल्यों को उजागर किया।
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