शुक्रवार 15 मई 2026 - 18:56
इटली पर ईरान जंग के कारण ऊर्जा का महा संकट

हौज़ा / ईरान के खिलाफ युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे इटली गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इटली अपनी कुल बिजली का लगभग 40% गैस से पैदा करता है, जिससे वह ऊर्जा मूल्य वृद्धि के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरान के खिलाफ युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से प्राकृतिक गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे इटली गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। इटली अपनी कुल बिजली का लगभग 40% गैस से पैदा करता है, जिससे वह ऊर्जा मूल्य वृद्धि के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।

1:उच्च बिजली लागत: वेनिस के पास एक उद्योगपति, माउरिज़ियो बासो का कहना है कि वह पांच साल पहले की तुलना में दोगुनी कीमत चुका रहा हैं। उनकी फैक्ट्री कार सीटों के लिए ऑटोमैटिक मैकेनिज्म बनाती है।

2. प्रतिस्पर्धात्मक नुकसान: बासो के अनुसार, चीन में बिजली की कीमत इटली की तुलना में तीन गुना सस्ती है। चीन के पास परमाणु ऊर्जा संयंत्र हैं, जो सस्ती बिजली देते हैं, साथ ही चीनी सरकार जानबूझकर बिजली की कीमतें कम रखती है।

3. नवीकरणीय ऊर्जा में कम निवेश: इटली में सौर ऊर्जा (14%) और पवन ऊर्जा (13% से कम) का हिस्सा सीमित है, जबकि जल विद्युत (13%) भी अपर्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि इटली को बहुत पहले ही अपने ऊर्जा मिश्रण को बदलकर हवा और सौर ऊर्जा की ओर बढ़ जाना चाहिए था।

4. आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान: होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ बाधित हुई हैं, जिससे स्थिति और खराब हो गई है।

इटालियन उद्योगपति की चेतावनी:माउरिज़ियो बासो को उम्मीद नहीं है कि जल्दी शांति समझौता होने पर भी ऊर्जा की कीमतें जल्दी घटेंगी। इससे साफ है कि यह संकट लंबे समय तक इटली की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करेगा।

ईरान युद्ध का सीधा असर इटली के उद्योगों और आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जहाँ बिजली की बढ़ती कीमतें चीन जैसे देशों के मुकाबले इटली की प्रतिस्पर्धात्मकता को कमजोर कर रही हैं।

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