हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी के शहर बर्लिन में फ़लस्तीन के समर्थकों का बड़ा प्रदर्शन हो रहा है। यह प्रदर्शन 78वें 'यौम अल-नकबा' (यौम-ए-नकबा) के अवसर पर किया जा रहा है।
यौम-ए-नकबा वह दिन है जब 1948 में इज़राइल बनने के बाद लगभग 8 लाख फ़लस्तीनी अपने घर-बार छोड़कर बेघर हो गए थे।
यह रैली बर्लिन के क्षेत्र क्रॉयज़बर्ग में निकाली गई है। लोगों ने फ़लस्तीनी झंडे उठाए हुए थे और कुफ़िया भी पहने हुए नारे लगा रहे थे: "फ़लस्तीन को आज़ाद करो — ग़ज़ा में नस्लकशी बंद करो"।

जर्मन समाचार एजेंसी डॉयचे वेले के अनुसार, इस प्रदर्शन में लगभग 1000 लोग शामिल थे। जवाब में पुलिस ने भी उतनी ही संख्या में अधिकारी तैनात किए।
पिछले वर्षों में यह प्रदर्शन 'रोज़-ए-नकबा' वाले दिन ही किया जाता था, लेकिन इस बार पुलिस ने कल (शुक्रवार को) प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी, इसलिए यह रैली आज (शनिवार को) निकाली गई।
इस रैली में ईरान के झंडे भी देखे गए। जर्मन प्रदर्शनकारियों ने ईरान के समर्थन में और अमेरिका व इज़राइल की सैन्य जारदारी (आक्रामकता) के खिलाफ आवाज़ बुलंद की।
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