हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाह सय्यद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई ने अपने संदेश में इराक़ के पवित्र नगर नजफ़ अशरफ़ में महान मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह शेख इस्हाक फ़य्याज़ (र) के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनकी शैक्षणिक, शिक्षण तथा धार्मिक प्रचार की सेवाओं को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए नजफ़ अशरफ़ के हौज़ा-ए-इल्मिया, उनके अनुयायियों, श्रद्धालुओं, अफ़ग़ानिस्तान की जनता और उनके परिवार को संवेदना प्रकट की।
सुप्रीम लीडर का शोक संदेश इस प्रकार है:
बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्राहीम
इन्ना लिल्लाहे वा इन्ना इलैहे राजेऊन
महान मरजा-ए-तक़लीद आयतुल्लाह हाजी शेख इस्हाक फ़य्याज़ (र) के निधन का समाचार सुनकर अत्यन्त दुःख हुआ। इस समाचार से समूचा हौज़ा-ए-इल्मिया, विशेष रूप से नजफ़ अशरफ़ का हौज़ा, शोकाकुल हो गया है।
नजफ़ अशरफ़ के पवित्र हौज़े में उनकी वर्षों की उपस्थिति, वहाँ की महान हस्तियों में से एक स्वर्गीय आयतुल्लाह सय्यद अबुल क़ासिम ख़ूई (र) से ज्ञान प्राप्त करना, विद्यार्थियों का प्रशिक्षण, पुस्तकों की रचना, इस हौज़े की वैज्ञानिक और बौद्धिक प्रगति में उनका योगदान तथा मोमिनीन और अपने अनुयायियों के बीच धार्मिक प्रचार-प्रसार—ये सब इस महान फ़क़ीह की ऐसी सेवाएँ हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। इंशाअल्लाह इनके नेक प्रभाव सदैव बने रहेंगे।
इस अत्यंत दुःखद क्षति पर मैं नजफ़ अशरफ़ के हौज़ा-ए-इल्मिया, स्वर्गीय मरजा के सभी अनुयायियों और श्रद्धालुओं, विशेष रूप से धैर्य और दृढ़ता का परिचय देने वाली अफ़ग़ानिस्तान की जनता तथा उनके सम्मानित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं अल्लाह से प्रार्थना करता हूँ कि वह इस सौभाग्यशाली दिवंगत के दर्जों को ऊँचा करे, उन्हें अल्लाह के नेक बंदों के साथ महशूर फ़रमाए और उनके परिजनों को सुंदर धैर्य तथा अपार प्रतिफल प्रदान करे।
सय्यद मुजतबा हुसैनी ख़ामेनेई
11 जून 2026
आपकी टिप्पणी