हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरान की इस्लामी परामर्शी सभा (मजलिस-ए-ख़ुबरेगान) के कई सदस्यों और क़ुम के मदरसा शिक्षकों ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी कर जनता और अधिकारियों से अपील की है कि वे “पवित्र एकता” को मजबूत करें और महान नेता (रहबर) के आदेशों और मार्गदर्शन का पूरी तरह पालन करें।
इस बयान में यह भी कहा गया है कि इमाम ख़ुमैनी (र) के कथन के अनुसार, दुश्मन के साथ वार्ता के विषय में कोई गुप्त या छिपी हुई बात नहीं होनी चाहिए, और जनता के साथ सच्ची साझेदारी का अर्थ है कि सरकारें इस विषय में पारदर्शिता रखें।
उलेमा और शिक्षकों ने आगे कहा कि नेतृत्व द्वारा निर्धारित ढांचे के अनुसार—दुश्मन की पहचान और उसके दंड का निर्धारण, किए गए अपराधों और नुक़सान का मुआवज़ा लेना, और ईरान की समुद्री सीमा का प्रबंधन जो राष्ट्र का अटल अधिकार है, तथा परमाणु अधिकारों के विषय में बातचीत न करना—इन बिंदुओं को किसी भी बहाने से नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। और यदि कोई इन सीमाओं से हटेगा तो वह अवैध और अस्वीकार्य होगा तथा जनता की प्रतिक्रिया का सामना करेगा।
पूरा बयान इस प्रकार है:
ईरान के सम्मानित और सक्रिय जनता तथा देश के सम्मानित अधिकारियों के लिए:
वर्तमान में जब वार्ता और संभावित समझौते की विभिन्न खबरें सुनने में आ रही हैं, हम अपने कर्तव्य के रूप में कुछ बातें प्रस्तुत करना आवश्यक समझते हैं।
1- इमाम ख़ुमैनी (र) के कथन के अनुसार, दुश्मन के साथ वार्ता के विषय में कोई गोपनीयता नहीं होनी चाहिए, और पारदर्शी जानकारी देना जनता के साथ सहानुभूति का हिस्सा है।
2- इस विषय में अंतिम निर्णय सर्वोच्च नेता के मार्गदर्शन और उनके द्वारा निर्धारित सीमाओं और ढांचे के अनुसार होगा।
3- इन लाल रेखाओं से किसी भी प्रकार का विचलन अवैध और अस्वीकार्य होगा और जनता की प्रतिक्रिया का सामना करेगा।
4- दुश्मन की लगातार शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों, विशेषकर समुद्री घेराबंदी और ज़ायोनी शासन के हमलों और अपराधों को देखते हुए, वर्तमान स्थिति युद्ध जैसी है और “युद्धविराम” की कोई वास्तविक अवधारणा मौजूद नहीं है।
5- दुश्मन की कार्रवाइयों को देखते हुए, विशेष रूप से समुद्री घेराबंदी के जवाब में, प्रतिशोधी कदम उठाना आवश्यक है।
6- नेतृत्व द्वारा निर्धारित ढांचे के अनुसार—दुश्मन की पहचान, दंड, नुकसान का मुआवज़ा, और हुर्मुज़ स्ट्रेट का प्रबंधन—ये सभी ईरान के अटल अधिकार हैं और परमाणु अधिकारों के विषय में बातचीत किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ी जा सकती।
7- जो लोग मैदान में मौजूद हैं और जिन्होंने सभी कठिनाइयाँ और प्रतिबंध झेले हैं, वे किसी भी स्थिति में अपनी राष्ट्रीय गरिमा और ऐतिहासिक सम्मान को कमजोर नहीं होने देंगे और शहीदों के रक्त और संघर्ष के परिणामों को नुकसान नहीं पहुँचने देंगे। इसलिए वे अंतिम लक्ष्य की प्राप्ति तक चुप नहीं बैठेंगे।
8- हम अधिकारियों के प्रयासों और सेवाओं का आभार व्यक्त करते हुए अपेक्षा करते हैं कि वे इस ईश्वरीय आंदोलन में नेतृत्व के साथ खड़े रहें और जनता के साथ मिलकर उनके आदेशों को लागू करने में कोई देरी न करें और दुश्मन के सामने किसी प्रकार की वापसी से बचें।
9- जागरूक और वफादार जनता पहले की तरह “पवित्र एकता” को बनाए रखते हुए और शांतिपूर्ण रात्री सभाओं में भाग लेते हुए हर चरण में महान नेता के आदेशों का पालन करेगी।
हम महान नेता और सम्मानित ईरानी राष्ट्र की निरंतर प्रगति और सफलता की अल्लाह से दुआ करते हैं।
आयात और हुजज इस्लाम वल मुस्लिमीन:
- सैयद अहमद अलम उल हुदा; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे खुरासान रज़वी प्रांत के प्रतिनिधि,
- मोहसिन आराकी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे मध्य प्रांत के प्रतिनिधि,
- महमूद रजब़ी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे तेहरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- अब्बास काबी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे ख़ुज़ेस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- सय्यद मोहम्मद महदी मीर बाकडरी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे सेमनान प्रांत के प्रतिनिधि,
- महमूद अब्दुल्लाही; हौज़ा इल्मिया की उच्च परिषद के सदस्य
- सय्यद हसन आमेली; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे अर्दबील प्रांत के प्रतिनिधि,
- अली अब्बासी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे मध्य प्रांत के प्रतिनिधि,
- मौलवी अब्दुर्रहमान आरिफ़ी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- सय्यद अब्दुर्रहीम तवक्कुल; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे माज़ंदरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- हसन आलमी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे खुरासान रज़वी प्रांत के प्रतिनिधि,
- सय्यद यदुल्लाह यज़दानपानाह; हौज़ा इल्मिया के शिक्षक
- हुसैन मोज़फ़्फ़री; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे क़ज़वीन प्रांत के प्रतिनिधि,
- रसूल फ़लाहती; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे गीलान प्रांत के प्रतिनिधि,
- मोहम्मद बाक़िर मोहम्मदी लाएनी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे माज़ंदरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- मौलवी इक़बाल बहमनी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे कुर्दिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- ग़ुलाम रज़ा फ़य्याज़ी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे खुरासान शमाली (उत्तरी) प्रांत के प्रतिनिधि,
- मोहसिन हैदरी आले-ख़ैस; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे ख़ुज़िस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- क़ुर्बान अली दरी नजफ़ाबादी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे तेहरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- सय्यद बाक़िर सिद्दी बिनाबी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे पूर्वी अज़रबैजान प्रांत के प्रतिनिधि,
- सय्यद अबुल हसन महदवी निया; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे इस्फ़हान प्रांत के प्रतिनिधि,
- अब्दुल जवाद इब्राहीमी फ़र; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे तेहरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- यदुल्लाह सफ़री; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे अर्दबील प्रांत के प्रतिनिधि,
- मौलवी अली अहमद सलामी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- मौलवी फ़ाइक़ रस्तमी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे कुर्दिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- कमाल आख़ुंद ग़रावी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे गुलिस्तान प्रांत के प्रतिनिधि,
- लुत्फ़ुल्लाह देजकाम; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे फ़ार्स प्रांत के प्रतिनिधि,
- अमानुल्लाह अलीमुरादी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे किरमान प्रांत के प्रतिनिधि,
- अब्दुल्लाह किवानी हफ़्शजानी; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे चारमहल और बख़्तियारी प्रांत के प्रतिनिधि,
- मोहम्मद हुसैन बयाती; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के प्रतिनिधि,
- जवाद जाफ़री; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे ज़िंजान प्रांत के प्रतिनिधि,
- जवाद हाजीज़ादेह; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे पूर्वी अज़रबैजान प्रांत के प्रतिनिधि,
- असकर दर्बाज़; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे पश्चिम अज़रबैजान प्रांत के प्रतिनिधि,
- सईद सुलह मीरज़ाई; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे तेहरान प्रांत के प्रतिनिधि,
- मोहम्मद रज़ा फ़ल्लाह तफ़्ती; मजलिस-ए-ख़ुबरेगान मे अल्बोर्ज़ प्रांत के प्रतिनिधि,
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