हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , लेबनान की संस्था "क़ौलना वलअमल" ने हिजरी चंद्र वर्ष के आरंभ पर अपने प्रमुख शेख अहमद अल-क़त्तान की उपस्थिति में "बरालियास" क्षेत्र में एक धार्मिक और शैक्षिक समारोह का आयोजन किया।
इस समारोह में सांसद और वफ़ादारी-ब-मुक़ावमत" गुट के सदस्य "यानल सुल्ह", ऑर्थोडॉक्स चर्च के बिशप एंटोनियस अल-सूरी के प्रतिनिधि फादर तीमोथाओस अबूरजेली, राष्ट्रीय और इस्लामी दलों के प्रतिनिधि, फ़िलिस्तीनी समूह और क्षेत्र की हस्तियों ने भाग लिया।
शेख़ अहमद अल-क़त्तान ने इस समारोह में अपने भाषण के दौरान कहा,प्रतिरोध का विकल्प कुरआन मजीद के आदेशों के पालन के आधार पर चुना गया है।
उन्होंने कहा, सियोनी-अमेरिकी योजना मानव और मानवता को निशाना बना रही है और मुसलमानों तथा ईसाइयों के बीच कोई भेद नहीं करती। इज़राइली आक्रमण का मुकाबला करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ खड़ा होना एक शरई फ़र्ज़ है।
शेख अलक़त्तान ने आगे कहा, लेबनान में प्रतिरोध (मुक़ावमत) को शैतानी करार देने की कोशिशें उन बलिदानों के आकार को नज़रअंदाज़ करती हैं जो शहीदों और मुजाहिदों ने वतन की रक्षा में पेश किए हैं।
लेबनान के सुन्नी विद्वान ने ज़ोर देकर कहा, लेबनान में प्रतिरोध (मुक़ावमत) हमारी जान है और सियोनी दुश्मन अपने लगातार आक्रमण के बावजूद अपने शुभ उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल रहा है।
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