हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के शहीद सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम विदाई समारोह को भारतीय मीडिया ने व्यापक रूप से प्रमुखता दी। विभिन्न समाचार पत्रों और समाचार पोर्टलों ने अलग-अलग दृष्टिकोणों से इस आयोजन को प्रस्तुत किया। किसी ने जनसैलाब और शोक की भावना पर जोर दिया, तो किसी ने भारत की आधिकारिक भागीदारी को प्रमुखता दी, तो कुछ संस्थानों ने राजनीतिक और कूटनीतिक संदेशों पर विशेष फोकस किया। नीचे प्रमुख मीडिया संस्थानों की सुर्खियों और उनके मुख्य फोकस का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है।
1. ईटीवी भारत (etvbharat.com) "आयतुल्लाह ख़ामेनेई का ताबूत हत्या वाली जगह पर ले जाया गया: ईरानी मीडिया"
ईटीवी भारत ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया कि अंतिम संस्कार से पहले ताबूत को उस स्थान पर ले जाया गया जहां उन पर हमला हुआ था। इसे प्रतीकात्मक और भावनात्मक कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।
2. नवभारत टाइम्स (navbharattimes.indiatimes.com): "अली खामनेई को अंतिम विदाई, भारत सरकार के प्रतिनिधियों के अलावा विपक्षी नेताओं का भी ईरान दौरा, कौन-कौन पहुंचे?"

नव भारत टाइम्स ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल और विपक्षी नेताओ के अलावा विभिन्न देशों के नेताओं की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत की सरकारी और राजनीतिक भागीदारी को प्रमुखता मिली। अंतिम विदाई में शामिल प्रमुख लोगों की सूची और उपस्थिति को दिखाया गया।
दूसरी रिपोर्ट में नवभारत टाइम्स ने लिखा: "Ali Khamenei: ईरानी सुप्रीम लीडर को आखिरी विदाई देते समय रोने लगे स्पीकर गालिबाफ, अराघची की आंख में आंसू"

नव भारत टाइम्स ने अपनी इस रिपोर्ट मे ईरानी नेतृत्व की भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रमुखता दी।
3. लाइव हिन्दुस्तान (livehindustan.com): "चार माह बाद खामेनेई को अंतिम विदाई, तेहरान में शुरू हुई रस्में"
लाइव हिन्दुस्तान ने अपनी रिपोर्ट मे तेहरान में अंतिम संस्कार की धार्मिक रस्मों का विवरण दिया गया। ईरानी नेताओं के रोने और शोक के माहौल को प्रमुखता मिली। समारोह को बड़े स्तर के ऐतिहासिक आयोजन के रूप में दिखाया गया।
वही अपनी दूसरी रिपोर्ट मे लाइव हिन्दुस्तान ने एक वीडियो शेयर की जिसमे जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती आयतुल्लाह ख़ामेनेई के जनाज़े के सामने फूट-फ़ूटकर रो पड़ी।

4. प्रभासाक्षी (prabhasakshi.com) ः "Ali Khamenei Funeral: जनाजा, कफन और ईरानियों का वलवला, अली खामेनेई को अंतिम विदाई, भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने दी श्रद्धांजलि"
प्रभासाक्षी पोर्टल ने अपनी रिपोर्ट मे धार्मिक परंपराओं, जनभागीदारी और भारतीय प्रतिनिधिमंडल की श्रद्धांजलि को प्रमुखता देते हुए ईरान में शोक और भावनात्मक माहौल को दर्शाया।
5. जनता टीवी (jantatv.com) ः "जहां हुआ था हमला वहीं ले जाया गया खामेनेई का ताबूत, हजारों की उमड़ी भीड़; रो पड़ा पूरा ईरान"
जनता टीवी ने अपनी पोर्टल रिपोर्ट मे जनभावनाओं, भारी भीड़ और शोक के वातावरण पर केंद्रित रिपोर्ट पेश की।
6. खास खबर (khaskhabar.com) ः "आयतुल्लाह खामेनेई को अंतिम विदाई; श्रद्धांजलि देने तेहरान पहुंचे भारतीय नेताओं समेत कई देशों के प्रतिनिधि"

ख़ास खबर ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी और भारत की उपस्थिति को अपनी रिपोर्ट मे प्रस्तुत करते हुए लिखा कि अंतिम दर्शन और विभिन्न शहरों में अंतिम संस्कार की रस्में शामिल हैं, जैसे तेहरान, क़ुम, बगदाद, कर्बला, नजफ़ और मशहद। ईरान के राष्ट्रपति ने जनता से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में अंतिम संस्कार में शामिल होकर राष्ट्रीय एकता और व्यवस्था के समर्थन का प्रदर्शन करें।
7. आज तक (aajtak.in) ः "खामेनेई को अंतिम विदाई देने में जुटा ईरान, जनाजे में कौन-कौन होगा शामिल?"

भारत की प्रसिद्ध समाचार वेबसाइट आज तक ने अपनी रिपोर्ट मे ईरान मे आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं और देशों की जानकारी साझा करते हुए सुरक्षा कारणो के चलते शहीद नेता के बेटे आयतुल्लाह मुज्तबा ख़ामेनेई के अपने पिता के अंतिम संस्कार मे शामिल न होने का उल्लेख किया है।
8. प्राइम न्यूज नेटवर्क (primenewsnetwork.in) ः "ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई को अंतिम विदाई की तैयारियां तेज, हत्या स्थल पर ले जाया गया ताबूत"
अंतिम संस्कार की तैयारियों और ताबूत को हमले वाले स्थान तक ले जाने की घटना। अंतिम संस्कार के कार्यक्रम कई दिनों तक चलने और तेहरान से लेकर क़ुम, बगदाद, कर्बला, नजफ़ और मशहद तक विभिन्न स्थानों पर आयोजन की बात कही गई है। पोर्टल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने फोन पर विदेश मंत्री से बात कर शोक संवेदना व्यक्त करने का ज़िक्र किया।
9. वियतनाम डॉट वीएन (vietnam.vn/hi) ः "ईरान ने सर्वोच्च नेता खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए 'अभूतपूर्व रूप से विशाल' राजकीय अंतिम संस्कार का आयोजन किया।"

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के विशाल पैमाने और अंतरराष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए, ईरान के कई होटलों ने कमरों के किराए में 50% तक की छूट दी, जबकि स्कूलों, मस्जिदों और खेल के मैदानों को आवास के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा। राजकीय अंतिम संस्कार को प्राथमिकता देने के लिए बस और रेल सेवाओं में भी बदलाव किए जाने और लगभग 100 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के भाग लेने का उल्लेख किया।
10. इंडिया डॉट कॉम (india.com) ः "खामेनेई के अंतिम सफर पर दुनिया की नजर: अयातुल्ला के जनाजे में तेहरान से मशहद तक उमड़ेगी 2 करोड़ लोगों की भीड़, टूट सकता है 1989 का विश्व रिकॉर्ड"
इंडिया डॉट कॉम पोर्टल ने अपनी रिपोर्ट मे इस ऐतिहासिक अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई मे संभावित एतिहासिक भीड़ और विश्व रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई। मशहद मे इमाम रज़ा (अ) की दरगाह के पास दफ़नाए जाने से संबंधित रिपोर्ट मे यह भी कहा गया है कि यह स्थान खामेनेई की उस कथित इच्छा को पूरा करता है कि उन्हें शिया इस्लाम की सबसे पवित्र हस्तियों में से एक के बगल में दफनाया जाए।
11. अमर उजाला (amarujala.com/) ः "Ayatollah Khamenei Funeral: हत्या वाली जगह पहुंचा अयातुल्ला अली खामेनेई का ताबूत, मोजतबा नहीं होंगे शामिल"
उत्तर प्रदेश से प्रकाशित होने वाला समाचार पत्र अमर उजाला ने अपने पोर्टल मे कहा कि बहु-दिवसीय सार्वजनिक विदाई समारोह में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ जुटने की आशंका है, भारत में वर्तमान नेता के प्रतिनिधि, आयतुल्लाह हकीम इलाही के अनुसार, सुरक्षा चिंताओं के कारण ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता, पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं होंगे। इलाही ने इस फैसले का कारण इस्राइली धमकियों और निगरानी के जोखिमों को बताया, जिससे सार्वजनिक उपस्थिति खतरनाक हो सकती थी।
12. दैनिक जागरण (jagran.com) ः "अंतिम संस्कार के बहाने ताकत का प्रदर्शन, खामेनेई की विदाई के मंच से ट्रंप को संदेश देगा ईरान"

भारत मे हिंदी भाषा मे सर्वाधिक प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र दैनकि जागरण ने अपने पोर्टल मे आयतुल्लाह ख़ामेनेई के विदाई समारोह से सबंधित लिखा कि लगभग चार महीने के इंतजार के बाद ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के अंतिम संस्कार की रस्में शुक्रवार से शुरू हो गईं। इन समारोहों को केवल राजकीय शोक तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि इन्हें ईरान अपनी धार्मिक, राजनीतिक और जनसमर्थन की ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी पेश कर रहा है। विदाई समारोह मे ख़ामेनेई के कई सदस्यो के ताबूत तेहरान के मुसल्ला ए इमाम ख़ुमैनी मे रखे गए है।
13. भास्कर हिंदी (bhaskarhindi.com) ः"तेहरान में भारत ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई को दी श्रद्धांजलि"
दैनिक भास्कर ने अपने पोर्टल मे लिखा भारत के विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में भारत की ओर से श्रद्धांजलि दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि विदेश सचिव ने ईरानी दूतावास जाकर भारत सरकार और जनता की ओर से संवेदना व्यक्त की।
14. मनीकंट्रोल हिंदी (hindi.moneycontrol.com) ः "Ayatollah Khamenei Funeral: जहां हुआ था हमला वहीं ले जाया गया खामेनेई का ताबूत, अंतिम संस्कार में आएंगे 2 करोड़ लोग!"

मनीकंट्रोल हिंदी ने अपनी रिपोर्ट मे लिखा कि ईरान ने इस विदाई समारोह के लिए भारतीय प्रधानमंत्री को भी निमंत्रण भेजा था। भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा प्रतिनिधित्व करेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विंग के प्रमुख पवन खेड़ा को भी यक्रमों में शामिल होने का न्यौता भेजा है। तेहरान शहर के चारों तरफ ट्रैफिक कंट्रोल जोन और पांच समर्पित सर्विस सेंटर बनाए गए हैं। ये सेंटर लोगों को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता सुविधाएं और प्रार्थना स्थल उपलब्ध कराएंगे।
भारतीय मीडिया ने इस विदाई समारोह के कवरेज मे अधिकांश समाचार संस्थानों ने निम्न प्रमुख विषयों पर ध्यान केंद्रित किया—
- ताबूत को हमले वाले स्थान पर ले जाने की प्रतीकात्मक घटना।
- तेहरान में उमड़े विशाल जनसैलाब और शोक की लहर।
- भारत सरकार तथा भारतीय प्रतिनिधिमंडल की आधिकारिक उपस्थिति।
- विभिन्न देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों की भागीदारी।
- ईरानी नेताओं की भावनात्मक प्रतिक्रियाएं।
- अंतिम संस्कार के राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक संदेश।
- अभूतपूर्व भीड़ और आयोजन के ऐतिहासिक महत्व पर विशेष जोर।
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम विदाई समारोह को भारतीय मीडिया ने केवल एक शोक समारोह के रूप में नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक, कूटनीतिक और जनभावनाओं से जुड़े बड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न समाचार पत्रों और डिजिटल मीडिया संस्थानों ने अपनी संपादकीय प्राथमिकताओं के अनुसार अलग-अलग पहलुओं को प्रमुखता दी—कहीं मानवीय संवेदनाएं केंद्र में रहीं, कहीं भारत-ईरान संबंध, तो कहीं पश्चिम एशिया की राजनीति और शक्ति प्रदर्शन का विश्लेषण प्रमुख रहा। इस प्रकार भारतीय मीडिया का कवरेज विविध दृष्टिकोणों और व्यापक समाचार प्रस्तुति का उदाहरण बनकर सामने आया।
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