हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पवित्र मस्जिद-ए-जमकरान के संरक्षक हुज्जतुल इस्लाम वल मुस्लिमीन सय्यद अली अकबर उजाक़ नेजाद ने शहीद सर्वोच्च नेता की अंतिम यात्रा की तैयारियों से संबंधित एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सर्वोच्च नेता के कार्यालय की इच्छा है कि नमाज़े जनाज़ा मस्जिद-ए-जमकरान में अदा की जाए। इसी कारण पवित्र दरगाह के सेवकों ने दिन-रात मेहनत करके इस महत्वपूर्ण समारोह की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
उन्होंने कहा कि संबंधित संस्थाएँ यह सुनिश्चित करें कि नमाज़े जनाज़ा पूरे सम्मान और गरिमा के साथ अदा की जाए। इसके बाद क़ुम में लाखों शोक मनाने वालों की भागीदारी के साथ अंतिम यात्रा के लिए भी व्यापक व्यवस्थाएँ की जाएँ।
सय्यद अली अकबर उजाक़ नेजाद ने कहा कि प्रयास किया जाए कि अधिक से अधिक लोगों को अपने शहीद सर्वोच्च नेता को अंतिम विदाई देने का अवसर मिल सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि जहाँ तक संभव हो, अंतिम यात्रा का मार्ग आम लोगों की भागीदारी के लिए खुला रखा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल हो सकें।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि क़ुम में आयोजित होने वाली इस विशाल अंतिम यात्रा में बड़े धार्मिक विद्वान, हौज़ा-ए-इल्मिया के शिक्षक, उलेमा, बुद्धिजीवी, प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, देश और विदेश से आने वाले अतिथि तथा लाखों आम लोग भाग लेकर शहीद सर्वोच्च नेता को ऐतिहासिक श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
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