हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने घोषणा की है कि, देश के दक्षिणी क्षेत्रों पर अमेरिका द्वारा जारी हमलों के जवाब में इस्लामी गणराज्य ईरान की सेना ने कुछ घंटे पहले अपने आत्मघाती ड्रोन (कामिकाज़े ड्रोन) से कुवैत में स्थित अमेरिकी सेना के पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली, गोला-बारूद भंडार और रडार केंद्र को निशाना बनाया हैं।
बयान के अनुसार, ड्रोन हमलों की एक अन्य लहर में बहरीन में अमेरिकी सेना के संचार तंत्र और रडार केंद्र पर भी हमला किया गया।
सेना ने चेतावनी दी कि क्षेत्र में इस प्रकार की अस्थिरता और उसके परिणामों की पूरी जिम्मेदारी अमेरिका और उसके ज़ायोनी सहयोगियों पर होगी। यदि इस तरह के हमले दोबारा किए गए तो ईरान की ओर से और भी अधिक कड़ा जवाब दिया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि ईरान के सशस्त्र बलों के तटीय ठिकानों पर अमेरिकी सेना के लगातार हमलों के जवाब में, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में दूसरे उल्लंघनकारी पोत को निशाना बनाकर रोकने के अलावा, जवाबी कार्रवाई के दूसरे चरण में क़तर स्थित अमेरिका के रणनीतिक अल-उदीद एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया।
आईआरजीसी के अनुसार, इस हमले में लड़ाकू विमानों के मरम्मत एवं रखरखाव केंद्र तथा कमांड एवं नियंत्रण केंद्र को ध्वस्त कर दिया गया।
बयान के अंत में चेतावनी दी गई कि, अमेरिका और उसके इस्राईली सहयोगी यदि अपने हमले जारी रखते हैं, तो उन्हें इससे भी अधिक कठोर और निर्णायक जवाब का सामना करना पड़ेगा।
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